राधे राधे दोस्तों,
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ड्राइवर ने गाड़ी एक विशाल मेंशन के सामने रोकी। अनाया ने खिड़की से बाहर देखा, सामने एक बहुत बड़ा महल जैसा मेंशन बना हुआ था। देखने में बहुत ही सुंदर।
रणवीर बोला, “अब गाड़ी में बैठ कर ही देखते रहना है या बाहर चलकर करीब से देखना चाहोगी। ” अनाया ने रणवीर को घूरते हुए गाड़ी का गेट खोला और गाड़ी से बाहर निकल गई। जब वो गेट बंद कर रही थी। उसकी एक फिंगर दब गई।
जिसकी वजह से उसके मुँह से सिसकी निकल गई और उसने अपनी आँखें मींच ली। रणवीर दौड़ के उसके पास आया और उसका हाथ अपने हाथ में लेकर बोला, ” कुछ काम ठीक से नहीं कर सकती लगा ली ना चोट। ”
रणवीर ने उसकी फिंगर अपने मुँह में डाल ली।
अनाया की नजरें सिर्फ रणवीर पर थी, जिसके चेहरे पर उसके लिए सिर्फ चिंता थी। लेकिन तभी उसे पुरानी बातें याद आ गई। उसने जल्दी से अपना हाथ पीछे खींच लिया।
अनाया, ” आपको मेरी इतनी चिंता करने की जरूरत नहीं है, मिस्टर सिंघानिया। ” अनाया मेंशन के अंदर चली गई। रणवीर ने अपना हाथ देखा फिर वो भी उसके पीछे पीछे चला गया।
अनाया की टीम के बाकी मेंबर पहले ही आ चुके थे और वहाँ का केयर टेकर उन्हें मेंशन का टूर करा रहा था। सच में वो मेंशन बहुत आलीशान था। बस पुराने टाइम का बना हुआ था इसलिए उसे रिडिजाइन की जरूरत थी।
रणवीर ने बिना उसकी तरफ देखे कहा, “आओ, मैं तुम्हें लोकेशन दिखा दूँ।”
“ये मेंशन मेरे दादाजी ने बनवाया था,” रणवीर ने चलते हुए कहा। “हर चीज़ में उनकी पसंद झलकती है।”
अनाया ने सरसरी निगाह डाली, फिर धीरे से कहा, “हम यहाँ इमोशनल कहानियाँ सुनने नहीं आए हैं, मिस्टर सिंघानिया। बस काम की जगह दिखाइए।”
रणवीर के होंठों पर हल्की मुस्कान आई, लेकिन उसकी आँखों में वही गहराई थी।
“इधर से,” रणवीर ने एक रास्ते की तरफ इशारा किया।
दोनों एक विशाल हॉल में पहुँचे। छत पर झूमर झिलमिला रहा था, और हर कोने में लक्ज़री का अहसास था। अनाया अपने काम को लेकर काफी पेशेवर थी, इसलिए उसने तुरंत जगह का निरीक्षण शुरू कर दिया।
“यहाँ बदलाव की जरूरत होगी,” उसने दीवारों पर हाथ फेरते हुए कहा। “रोशनी कम पड़ रही है। अगर हम कुछ बड़े फ्रेंच विंडोज़ लगा दें, तो यह जगह और भी एलिगेंट लगेगी।”
रणवीर ने उसकी बात को ध्यान से सुना, फिर बोला, “मैं जानता था कि तुम परफेक्शनिस्ट हो, लेकिन यह नहीं पता था कि तुम इतनी जल्दी किसी भी जगह को बदलने की योजना बना सकती हो।”
अनाया उसकी आँखों में देखे बिना बोली, “मुझे अपने काम से मतलब है, मिस्टर सिंघानिया। आपकी जगह को बेहतरीन बनाना मेरी जिम्मेदारी है।”
रणवीर ने उसके करीब आते हुए कहा, “और मेरे सवालों का जवाब देना?”
अनाया ने ठंडी नजरों से उसकी ओर देखा। “सवाल वही पूछे जाते हैं, जिनका कोई मतलब हो। और आपके सवालों का जवाब देना मेरे प्रोफेशन का हिस्सा नहीं है।”
रणवीर हल्का सा हंसा, लेकिन उसमें एक चुनौती की झलक थी। “तो क्या यह सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ता है, अनाया?”
अनाया ने उसकी आँखों में सीधे देखा। “बिल्कुल। और मैं चाहती हूँ कि आप भी इसे इसी तरह देखें।”
रणवीर कुछ पल तक उसे देखता रहा, फिर हल्की मुस्कान के साथ बोला, “देखेंगे, मिस मेहरा। यह तो वक्त ही बताएगा। क्या प्रोफेशनल है और क्या पर्सनल। वैस आप जितनी जल्दी हो यहाँ का काम शुरू कर दें। क्योंकि बहुत जल्द मैं शादी करके अपनी वाइफ अपनी लाइफ के साथ यहाँ रहने वाला हूँ। “
” शादी! ” अनाया के मन में एक टीस सी उठी।
रणवीर अपनी एक आइब्रो चढ़ाते हुए बोला, ” क्यों नहीं करनी चाहिए। अरे भई मैं 32 साल का हो चुका हूँ हाँ माना कि लगता नहीं हूँ लेकिन अब हूँ तो ना। और मैं कुँवारा नहीं मरना चाहता इसलिए सोचा शादी ही कर लूँ। “
अनाया की आँखें लाल हो गई। उसने अपने गॉगल्स पहनते हुए कहा, ” वेल, कांग्रेट्स मिस्टर सिंघानिया। ” तभी वहाँ पर बाकी लोग भी आ गए।
जिगर अनाया को देखते हुए बोला, ” अनाया हमने पूरा मेंशन देख लिया है और सबकुछ समझ कर सब नोट भी कर लिया है। “
अनाया ने कहा, ” गुड। “
शिरशा बोली, ” अनाया आई थिंक हमें यहाँ का काम करने के लिए यहीं रहना चाहिए। होटल से आने जाने में बहुत टाइम वेस्ट हो जाया करेगा। “
अनाया, ” गुड आईडिया।”
अनाया ने फिर रणवीर की तरफ देखा और बिना किसी भाव के बोली, ” तो ठीक है मिस्टर सिंघानिया, फिल्हाल हम चलते हैं कल से हम यहीं रहेंगे अगर आपको कोई प्रोब्लम ना हो तो। “
रणवीर जो एक पिलर के सहारे टेक लगाकर खड़ा था वो बोला, ” नो, नॉट एट आल, फिल्हाल के लिए इसे आप अपना ही मेंशन समझिए। और जैसा आपको पसंद हो वैसा इसे डिजाइन कीजिए। “
” मिस्टर सिंघानिया, एक और बात। ” अनाया जाते जाते रुक गई और बोली, ” आप आपकी वुड बी वाइफ से भी पूछ लेना अगर उनकी कोई चॉइस हो तो। नहीं तो बाद में इन्हीं छोटी छोटी बातों को लेकर बड़े बड़े आर्गुमेंट हो जाते हैं। “
रणवीर सीधा खड़ा हुआ और अनाया की तरफ कदम बढ़ाते हुए उसके पास आकर खड़ा हो गया। उसने अनाया की आँखों पर से उसके गॉगल्स हटाए और उसकी आँखों में देखते हुए बोला, ” मिस मेहरा, मैंने आपसे कहा ना आपको जैसा पसंद हो आप इसे डेकोरेट कीजिए। अब से ये मेंशन आपका। “
अनाया से रणवीर की नजरों की तपिश नहीं झेली जा रही थी इसलिए उसने अपनी नजरें झुका ली और वहाँ से जाने लगी। लेकिन अचानक ही उसकी सैंडिल की हील टूट गई जिसकी वजह से उसका पाँव लड़खड़ा गया और वो गिरने लगी।
लेकिन रणवीर की मजबूत बाहों ने उसे संभाल लिया। अनाया का दिल बुलेट ट्रेन की स्पीड से भी तेजी से दौड़ रहा था। उसकी साँसें अनियमित हो गईं जब उसने खुद को रणवीर की मजबूत बाहों में पाया। उनके बीच की दूरी अब ना के बराबर थी।
रणवीर की आँखें उसकी आँखों में कुछ ढूंढ रही थीं। शायद वो अनकही बातें, जो अनाया ने सालों से दिल में दबा रखी थीं।
दिल का दरिया बह ही गया
इश्क़ इबादत बन ही गया
खुद को मुझे तू सौंप दे
मेरी ज़रूरत तू बन गया
बात दिल की नज़रों ने की
सच कह रहा तेरी क़सम
तेरे बिन अब ना लेंगे एक भी दम
तुझे कितना चाहने लगे हम
“हमेशा की तरह, मैं तुम्हें गिरने नहीं दूँगा, मिस मेहरा,” रणवीर ने हल्के से कहा, उसकी आवाज़ में एक अजीब सी गर्माहट थी।
तेरे बिन अब ना लेंगे एक भी दम
तुझे कितना चाहने लगे हम
तेरे साथ हो जाएंगे ख़त्म
तुझे कितना चाहने लगे हम
अनाया ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन रणवीर की पकड़ और मजबूत हो गई।
” प्लीज छोड़िए ना मुझे, मिस्टर सिंघानिया। ” अनाया खुद को छुड़ाने की कोशिश करते हुए बोली।
रणवीर उसकी आँखों में भरे समुंदर को देखते हुए बोला, ” अनाया, मैंने तुम्हारा हाथ तुम्हें छोड़ने के लिए नहीं थामा था। वो तो बस….. ”
इस जगह आ गई चाहतें अब मेरी
छीन लूँगा तुम्हें सारी दुनिया से ही
तेरे इश्क़ पे हाँ हक़ मेरा ही तो है
कह दिया है ये मैंने मेरे रब से भी
जिस रास्ते तू ना मिले उसपे ना हो मेरे क़दम
तेरे बिन अब ना लेंगे एक भी दम
तुझे कितना चाहने लगे हम
तेरे साथ हो जाएंगे ख़त्म
तुझे कितना चाहने लगे हम
तुझे कितना चाहने लगे हम
रणवीर की बात सुनते ही उसकी आँखों के सामने चार साल पहले का मंजर आ गया। उसने जल्दी से खुद को सँभाला और एक कदम पीछे हटते हुए बोली, “थैंक यू। लेकिन मैं खुद को सँभाल सकती हूँ।”
रणवीर हल्का सा मुस्कुराया, “शायद… लेकिन मेरी आदत नहीं गई तुम्हें गिरने से बचाने की।”
अनाया ने जबरदस्ती मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे अब आदत डालनी होगी कि मैं किसी के सहारे के बिना भी खड़ी रह सकती हूँ। और वैसे भी गिराने वाले से संभालने की क्या उम्मीद करनी।”
रणवीर ने उसकी बात सुनी, लेकिन इस बार कोई जवाब नहीं दिया।
तभी जिगर और बाकी टीम वहाँ आ गई।
“अनाया, सब ठीक है?” जिगर ने चिंता से पूछा। जिगर ने अनाया का हाथ पकड़ा हुआ था। जैसे ही रणवीर की नजर अनाया के हाथ पर पड़ी उसकी मुट्ठियाँ कस गई।
“हाँ, बस सैंडल की हील टूट गई,” अनाया ने सामान्य स्वर में कहा।
रणवीर ने बिना कुछ कहे जेब से अपना फोन निकाला और किसी को कॉल किया। “एक ब्रांड न्यू फुटवेयर लेकर आओ, साइज 6।”
अनाया ने तुरंत उसे रोका, “मिस्टर सिंघानिया, इसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद खरीद लूँगी।”
रणवीर ने सिर हिलाते हुए कहा, “अब से यहाँ की हर चीज़ मेरी ज़िम्मेदारी है, मिस मेहरा। तुम्हें जो चाहिए, बस मुझसे कहना।”
अनाया ने गहरी सांस ली। “मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए, रणवीर।”
अनाया ने अपनी सैंडिल अपने हाथ में ली और वहाँ से बाहर आ गई। उसके दिल के समुद्र में जो सुनामी आ रही थी सिर्फ वो ही समझ सकती थी।
हैलो दोस्तों,
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